कविता
प्यार की दरकार
पूछ बैठा आजअपने दिल से मैं येकौन कितना प्यार करता हैतुझे बे ?चल मुझे भी तो बता दे प्यार क्या है ?ज़िन्दगी में प्यार की दरकार क्या है ?मेरे इस सवाल पर चुप हो गयाना जाने किस ख़याल में दिल खो गयागहरी धड़कन धड़क करवो मुझसे बोलाक्या अजब सी बात तुमने पूछ डाली !प्यार वो करते कहाँ जो हैं सवाली !फिर भी तुम ये जान लोऔर इस तरह से मान लोकिप्यार हसरतप्यार वहशतप्यार चाहतकुछ नहीं हैप्यार मन्नतप्यार फ़ुरकतप्यार हरकतभी नहीं हैप्यार श्रद्धाप्यार इज़्ज़तप्यार शिरकतभी नहीं हैप्यार हैअनुभूतियों केमौन का संवाद साजो निरंतर है बनानेपथ्य में अवचेतनायदि किसी ने प्यार के बदले मेंमाँगा प्यार भीध्यान रखना वो तो केवलरूप है व्यापार काप्यार पाना जिसकी चाहतउसको ये मिलता कहाँप्यार करना जिसका मज़हबउसने ही जीता जहाँ