आदित्य चौधरीकविता · व्यंग्य · सम्पादकीय
आदित्य चौधरी

कवि · व्यंग्यकार · सम्पादक

आदित्य चौधरी

भारतकोश और ब्रजडिस्कवरी के संस्थापक एवं प्रधान सम्पादक। दूरदर्शन के कई धारावाहिकों के लेखक रहे, और 2015 में ‘विश्व हिन्दी सम्मान’ से सम्मानित हुए। यहाँ उनकी कविताएँ और सम्पादकीय लेख एक जगह हैं।

कविताएँ पढ़ेंपूरा परिचय

ज़रा सी आँख लग जाती तो इक सपना बना लेतेज़माना राहतें देता, तुझे अपना बना लेतेतुझे सुनने की चाहत है, हमें कहना नहीं आताजो ऐसी क़ुव्वतें होतीं, शहर अपना बना लेते

इक सपना बना लेते, ग़ज़ल (वीडियो के साथ)

कुछ कविताएँ

  1. इन मंजिलों को शायद
  2. हर शख़्स मुझे बिन सुनेहर शख़्स मुझे बिन सुने आगे जो बढ़ गया
  3. कितना बेदर्द और तन्हाकितना बेदर्द और तन्हा है मुहब्बत का सफ़र
  4. मौसम है ये गुनाह कामौसम है ये गुनाह का इक करके देख लो
  5. मैं गुम हूँ
  6. तुम क्षमा कर दो उन्हें भी

सभी 84 कविताएँ

सम्मान और आयोजन

गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ‘विश्व हिन्दी सम्मान’, 2015
गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ‘विश्व हिन्दी सम्मान’, 2015
सुषमा स्वराज के साथ
सुषमा स्वराज के साथ
डॉ. महेश शर्मा के साथ
डॉ. महेश शर्मा के साथ
अशोक चक्रधर के साथ
अशोक चक्रधर के साथ
हिन्दी अकादमी, दिल्ली के सम्मान समारोह में
हिन्दी अकादमी, दिल्ली के सम्मान समारोह में
श्रीकांत शर्मा के साथ
श्रीकांत शर्मा के साथ
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, मॉस्को, 2016
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, मॉस्को, 2016
आदित्य चौधरी
आदित्य चौधरी
हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा ‘भाषा दूत’ पुरस्कार, 2016
हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा ‘भाषा दूत’ पुरस्कार, 2016
राजभाषा संगोष्ठी, गोवा में भारतकोश की प्रस्तुति
राजभाषा संगोष्ठी, गोवा में भारतकोश की प्रस्तुति
आदित्य चौधरी

सम्मान एवं पुरस्कार