
कवि · व्यंग्यकार · सम्पादक
आदित्य चौधरी
भारतकोश और ब्रजडिस्कवरी के संस्थापक एवं प्रधान सम्पादक। दूरदर्शन के कई धारावाहिकों के लेखक रहे, और 2015 में ‘विश्व हिन्दी सम्मान’ से सम्मानित हुए। यहाँ उनकी कविताएँ और सम्पादकीय लेख एक जगह हैं।
- 84रचनाएँकविताएँग़ज़लें, नज़्में और कविताएँ। कुछ के साथ वीडियो भी है।
- 53रचनाएँसम्पादकीय लेखभारतकोश के मुखपृष्ठ के लिए लिखे गए व्यंग्य और सम्पादकीय, 2012 से 2015 तक।
- ▶YouTubeवीडियोकविता-पाठ, रेडियो वार्ताएँ और भारतकोश की प्रस्तुति, YouTube चैनल पर।
ज़रा सी आँख लग जाती तो इक सपना बना लेतेज़माना राहतें देता, तुझे अपना बना लेतेतुझे सुनने की चाहत है, हमें कहना नहीं आताजो ऐसी क़ुव्वतें होतीं, शहर अपना बना लेते
इक सपना बना लेते, ग़ज़ल (वीडियो के साथ)
कुछ कविताएँ
सम्मान और आयोजन











